इक्विटी और डेट में निवेश का अनुपात हर निवेशक की जरूरत के हिसाब से अलग हो सकता है। हाइब्रिड म्यूचुअल फंड एक ही स्कीम में एक से अधिक एसेट क्लास में निवेश करते हैं। इनमें इक्विटी और डेट का अनुपात स्कीम की श्रेणी और रणनीति पर निर्भर करता है। इसलिए निवेश से पहले यह समझना उपयोगी है कि स्कीम किन एसेट क्लास में निवेश करती है और उससे जुड़े जोखिम क्या हैं।
हाइब्रिड म्यूचुअल फंड क्या हैं?
हाइब्रिड म्यूचुअल फंड एक से अधिक एसेट क्लास में निवेश करने वाली स्कीमें हैं। इनमें इक्विटी, डेट और कुछ श्रेणियों में गोल्ड जैसी अन्य एसेट क्लास शामिल हो सकती हैं। प्रत्येक स्कीम का निवेश उद्देश्य और एसेट आवंटन अलग होता है।
एक ही स्कीम से अलग-अलग एसेट क्लास में निवेश की सुविधा मिल सकती है। हालांकि, हाइब्रिड फंड रखने का मतलब यह नहीं है कि निवेशक को अपने पूरे पोर्टफोलियो के एसेट आवंटन पर ध्यान देने की जरूरत नहीं रहेगी।
हाइब्रिड म्यूचुअल फंड की विशेषताएं क्या हैं?
एसेट का मिश्रण: स्कीम की श्रेणी के अनुसार अलग-अलग एसेट क्लास में निवेश का अनुपात तय हो सकता है या निर्धारित दायरे में बदला जा सकता है।
जोखिम का स्तर: किसी हाइब्रिड फंड का जोखिम उसके वास्तविक पोर्टफोलियो पर निर्भर करता है। डेट में निवेश होने से जोखिम समाप्त नहीं होता और हर हाइब्रिड फंड का उतार-चढ़ाव इक्विटी फंड से कम होगा, यह भी निश्चित नहीं है।
पेशेवर प्रबंधन: फंड मैनेजर स्कीम के निवेश उद्देश्य और नियमों के अनुसार निवेश तथा एसेट आवंटन से जुड़े फैसले लेते हैं।
अलग–अलग निवेश अवधि: सभी हाइब्रिड फंड्स के लिए एक ही निवेश अवधि उपयुक्त नहीं होती। स्कीम का जोखिम स्तर और वह समय देखें जब आपको पैसे की जरूरत होगी।
हाइब्रिड म्यूचुअल फंड के संभावित फायदे
- एक स्कीम में कई एसेट क्लास: हाइब्रिड फंड के जरिए एक से अधिक एसेट क्लास में निवेश किया जा सकता है। इससे विविधता मिल सकती है, लेकिन किसी एक एसेट क्लास में हुए नुकसान की भरपाई दूसरी से होना निश्चित नहीं है।
- एसेट आवंटन का प्रबंधन: फंड मैनेजर स्कीम की रणनीति के अनुसार पोर्टफोलियो का आवंटन संभालता है। फिर भी निवेशक को यह देखना चाहिए कि स्कीम उसके बाकी निवेशों के साथ कैसे फिट होती है।
- निवेश में सुविधा: अलग-अलग एसेट क्लास का निवेश एक ही स्कीम के जरिए किया जा सकता है। स्कीमों के बीच इक्विटी, डेट और अन्य एसेट क्लास का अनुपात अलग हो सकता है।
हाइब्रिड फंड के प्रकार
हाइब्रिड फंड की कई श्रेणियां हैं। नीचे चार श्रेणियों का परिचय दिया गया है; यह पूरी सूची नहीं है।
मल्टी एसेट एलोकेशन फंड
इस श्रेणी की स्कीमें कम से कम तीन अलग-अलग एसेट क्लास में निवेश करती हैं। प्रत्येक में न्यूनतम निवेश की शर्त लागू होती है। इक्विटी, डेट और गोल्ड इसके संभावित उदाहरण हैं। कई एसेट क्लास में निवेश से विविधता मिल सकती है, लेकिन यह बाज़ार की गिरावट से सुरक्षा या नुकसान की भरपाई की गारंटी नहीं देता।
एग्रेसिव हाइब्रिड फंड
एग्रेसिव हाइब्रिड फंड में इक्विटी और इक्विटी से जुड़े इंस्ट्रूमेंट्स का हिस्सा अधिक होता है। सामान्यतः 65% से 80% निवेश इक्विटी में और शेष हिस्सा डेट में होता है। इक्विटी में अधिक निवेश के कारण इस श्रेणी के फंड के मूल्य में उल्लेखनीय उतार-चढ़ाव आ सकता है। डेट का हिस्सा होने पर भी रिटर्न या स्थिरता सुनिश्चित नहीं होती।
डायनेमिक एसेट एलोकेशन या बैलेंस्ड एडवांटेज फंड
इस श्रेणी में इक्विटी और डेट के बीच आवंटन स्कीम की निवेश रणनीति के अनुसार बदला जा सकता है। कुछ स्कीमें इसके लिए वैल्यूएशन जैसे संकेतकों का इस्तेमाल करती हैं। आवंटन बदलने का उद्देश्य बाज़ार की अलग-अलग स्थितियों के अनुसार निवेश संभालना हो सकता है, लेकिन इससे बेहतर प्रदर्शन की गारंटी नहीं मिलती।
कंसर्वेटिव हाइब्रिड फंड
कंसर्वेटिव हाइब्रिड फंड में सामान्यतः 75% से 90% निवेश डेट इंस्ट्रूमेंट्स में और 10% से 25% इक्विटी में होता है। इक्विटी का हिस्सा एग्रेसिव हाइब्रिड फंड की तुलना में कम होता है। फिर भी डेट और इक्विटी, दोनों से जुड़े जोखिम बने रहते हैं; इसे पूंजी की सुरक्षा देने वाली स्कीम नहीं समझना चाहिए।
हाइब्रिड म्यूचुअल फंड किसके लिए उपयुक्त हो सकते हैं?
हाइब्रिड फंड पर वे निवेशक विचार कर सकते हैं जो एक ही स्कीम में एक से अधिक एसेट क्लास का निवेश चाहते हैं। हालांकि, किसी व्यक्ति के लिए स्कीम उपयुक्त है या नहीं, यह केवल उसके नए निवेशक होने या रिटायरमेंट के करीब होने से तय नहीं होता।
स्कीम का एसेट आवंटन, जोखिम स्तर और निवेश अवधि अपने लक्ष्य, जोखिम सहने की क्षमता और मौजूदा पोर्टफोलियो के साथ मिलाकर देखें। एक ही हाइब्रिड श्रेणी की दो स्कीमों में भी रणनीति और जोखिम अलग हो सकते हैं।
हाइब्रिड फंड में निवेश करने से पहले किन बातों पर विचार करें?
- निवेश का लक्ष्य: यह तय करें कि आप किस उद्देश्य से निवेश कर रहे हैं और पैसे की जरूरत कब होगी। नियमित आय की जरूरत होने पर यह भी समझें कि म्यूचुअल फंड से मिलने वाली निकासी या रिटर्न निश्चित नहीं होते।
- जोखिम सहने की क्षमता: स्कीम के वास्तविक एसेट आवंटन और रिस्कोमीटर को देखें। केवल श्रेणी के नाम से जोखिम का अनुमान न लगाएं।
- निवेश की अवधि: अपनी समय-सीमा को स्कीम की निवेश रणनीति और जोखिम के साथ मिलाकर देखें। अधिक डेट निवेश वाली हर स्कीम छोटी अवधि के लक्ष्य के लिए स्वतः उपयुक्त नहीं होती।
- पिछला प्रदर्शन और खर्च: पिछले रिटर्न के साथ स्कीम की रणनीति, पोर्टफोलियो और एक्सपेंस रेशियो की समीक्षा करें। पिछला प्रदर्शन भविष्य का रिटर्न तय नहीं करता।
- अस्वीकरण: पिछला प्रदर्शन भविष्य में बना रह भी सकता है और नहीं भी।
- टैक्स का प्रभाव: टैक्स का निर्धारण केवल स्कीम के नाम से नहीं होता। उसके निवेश की संरचना, यूनिट्स की खरीद और बिक्री की तारीख तथा लागू नियमों के आधार पर टैक्स समझें।
इस लेख में दी गई टैक्स संबंधी जानकारी लेख प्रकाशित होने के समय लागू कानूनों पर आधारित है और बदल सकती है। नवीनतम जानकारी के लिए किसी टैक्स विशेषज्ञ से परामर्श करें या मौजूदा नियम देखें।
निष्कर्ष
हाइब्रिड म्यूचुअल फंड एक ही स्कीम में अलग-अलग एसेट क्लास में निवेश का अवसर देते हैं। इनकी श्रेणियों के बीच निवेश का अनुपात और जोखिम अलग होता है। किसी स्कीम पर विचार करते समय अपना वित्तीय लक्ष्य, निवेश अवधि और जोखिम सहने की क्षमता देखें। साथ ही स्कीम का पोर्टफोलियो, खर्च और निवेश रणनीति समझें, ताकि आप उसकी उपयुक्तता का आकलन कर सकें।








































